सूरजपुर जिले में शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों पर जिला न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए दो बाइक चालकों पर कुल 25,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत की गई है। यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान दोनों चालकों को नशे की हालत में बाइक चलाते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई कर मामला जिला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि शराब या नशे की हालत में वाहन चलाना गंभीर लापरवाही है, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।
अदालत ने इसे सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानते हुए दोनों चालकों पर आर्थिक दंड लगाया। यातायात विभाग के अनुसार, जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि ऐसे मामलों में पकड़े गए चालकों के खिलाफ चालान बनाकर न्यायालय भेजा जाता है, जहां से जुर्माना और सजा का निर्णय लिया जाता है। यातायात प्रभारी बृज किशोर पांडे ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता सड़क हादसों को रोकना और लोगों को सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक करना है। Also Read – तोरवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फरार 10 वारंटियों को दबोचा उन्होंने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक के लिए बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी बेहद खतरनाक है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी स्थिति में नशे की हालत में वाहन न चलाएं। विभाग ने यह भी कहा कि आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अनुसार, शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना या 6 महीने तक की जेल या दोनों का प्रावधान है। यदि कोई व्यक्ति दोबारा इस अपराध में पकड़ा जाता है तो जुर्माना बढ़कर 15,000 रुपये तक हो सकता है और 2 साल तक की जेल का प्रावधान है।
