डेस्क/राष्ट्रीय एकता शिविर में छत्तीसगढ़ का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व
12 राज्यों से ध्वजांकित कार्यालयों के बीच छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हैं सीजी – बद्री प्रसाद देवांगन मध्यनगरीय फ्लोरिडा माध्यमिक विद्यालय, मल्हार के छात्र केशर कैवर्त ने राष्ट्रीय एकता शिविर में अपने राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन का सुंदर परिचय प्रस्तुत किया।
केशर ने अपनी पुस्तक में बताया कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ की सरलता, सांस्कृतिक विविधता और लोक आस्था की विशेष पहचान है। यहां के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में हरेली, तीजा, पोला, छेरछेरा, नवाखाई और मटर प्रमुख हैं, जो प्रकृति, कृषि और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए पंथी, कैथोलिक नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य और गेड़ी नृत्य की वेश-भूषा के बारे में बताया। साथ ही छत्तीसगढ़ के लोकगीतों और लोकसंगीत की मधुरता का उल्लेख करते हुए कहा कि ये हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाते हैं।
केशर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए साथियों के साथ उनकी संस्कृति, भाषा, पहनावे और साध्य को प्राप्त करने का अवसर मिला। इस शिविर ने उन्हें “विविधता में एकता” की भावना को और अधिक निकट से समझने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन की अमूल्य खड़िया को अनुभव करता है और उन्हें अपने राज्य तथा देश के प्रति गौरव की अनुभूति कराता है।
