बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में सामूहिक असमानता का मामला सामने आया है। कस्तूरी तोरवा इलाके में यही रहने वाली है। दो दिन पहले घर से गायब हो गया था। बच्ची जब नहीं मिली तब एज़ोल ने तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। संकटग्रस्त और डॉक्टर से स्टेशन की स्थापना बेटी की सलामती की प्लांटेशन थी, संकट सच साबित हुआ।
टोरवा पुलिस ने फर्जीवाड़े की याचिका को लेकर सेलेब से लेकर सत्यम का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेलवे स्टेशन और इसके आस-पास तलाश शुरू की गई। इस बीच वह रेलवे स्टेशन के करीब बदहवाश समस्या में मिल गया। पुलिस ने उसकी पहचान कर फैक्ट्री को स्टेशन बुलाया। पूछताछ में सार्क ने पुलिस को बताया कि उसका एक साधारण नाबालिग लड़का उसे अपने साथ कुज़ने के साथ बहला-फुसलाकर ले गया था। रेलवे स्टेशन के पास उसके दो और दोस्त मौजूद थे। सुनसन प्लेस का फ़ायदेमंद समूह ने मिलकर उसका साथ तैयार किया। जब उसने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दे दी। पुलिस ने कॅरस्ट को अस्पताल में सीवेज ट्रीटमेंट और मेडिकल टेस्ट प्लास्टर दिया है।
जांच के बाद स्क्रैप को घर भेज दिया गया। मेडिकल रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सबसे पहले मुख्य नगरपालिका को पकड़ा, फिर उसके निशानदेही पर बाकी दो को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और पोक्सो एक्ट की धारा लगाई गई है। पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।
